ग्राम पंचायतों में ई-शासन का बढ़ता प्रभाव: एक विश्लेषण
DOI:
https://doi.org/10.71366/ijwosKeywords:
बीज शब्द: ग्राम पंचायत, ई-शासन, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी चुनौतियाँ, ग्रामीण विकास
Abstract
सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का उपयोग आज के समय में शासन व्यवस्था के हर स्तर पर अभूतपूर्व बदलाव का कारण बन चुका है, और यह प्रभाव विशेष रूप से भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में अधिक स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। भारत में जहां प्रशासनिक ढांचा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बंटा हुआ है, वहीं सूचना प्रौद्योगिकी के सही इस्तेमाल ने शासन की कार्यप्रणाली में गहरे और सकारात्मक परिवर्तन किए हैं। पंचायती राज संस्थाएँ, जिनमें ग्राम पंचायतें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, ग्रामीण प्रशासन के सबसे बुनियादी स्तंभ हैं। ग्राम पंचायतें न केवल सरकार और नागरिकों के बीच एक कड़ी का कार्य करती हैं, बल्कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के सबसे नजदीकी रूप के रूप में काम करती हैं। पहले ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्य कागज़ी रूप में होते थे, जिससे कार्यों में देरी, पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती थीं। यह प्रक्रिया नागरिकों के लिए समय-साध्य और कठिन होती थी, और प्रशासन की कार्यप्रणाली में जटिलताएँ होती थीं। हालांकि, डिजिटलीकरण और ई-शासन ने इन समस्याओं को जड़ से बदल दिया है। अब ग्राम पंचायतें अपने कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लेकर आई हैं, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।1
ई-शासन की मदद से, सरकारी योजनाओं का ट्रैकिंग, लाभार्थियों की जानकारी और भुगतान प्रक्रियाओं की निगरानी अब ऑनलाइन की जा सकती है। इससे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि हुई है। नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं के लिए लंबी प्रक्रियाओं से गुजरने की आवश्यकता नहीं होती। इसके साथ-साथ, भ्रष्टाचार के अवसर भी कम हुए हैं, क्योंकि डिजिटल रिकॉर्ड्स और ट्रैकिंग सिस्टम से काम की स्थिति पर निगरानी रखना आसान हुआ है। इस डिजिटल परिवर्तन ने न केवल ग्राम पंचायतों के कार्यों को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाया है, बल्कि यह प्रशासन और नागरिकों के बीच एक सशक्त संवाद का निर्माण कर रहा है। पहले जहां प्रशासन और नागरिकों के बीच की खाई को पार करना मुश्किल था, अब ई-शासन की मदद से नागरिक अपने मुद्दों और जरूरतों को सीधे प्रशासन तक पहुँचाने में सक्षम हैं। यह नागरिकों के लिए सेवाओं की उपलब्धता को तेज और सुविधाजनक बनाता है, जिससे शासन की कार्यप्रणाली अधिक उत्तरदायी और जिम्मेदार बनती है। यदि इस डिजिटल रूपांतरण और ई-शासन की प्रक्रिया को और बढ़ावा दिया जाए, तो यह न केवल ग्राम पंचायतों को और अधिक सक्षम और दक्ष बनाएगा, बल्कि यह भारत के ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसके परिणामस्वरूप, न केवल प्रशासनिक सुधार होंगे, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास को भी गति देगा।2
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